कालीबंगा को ढूंढने का सफर भारतीय इतिहास के उत्खननों की महत्वपूर्ण कहानी है। यह स्थल भारत के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित है, जो कि हनुमानगढ़ जिले में पीलीबंगा के निकट है। यहाँ के उत्खनन सिंधु घाटी सभ्यता के महत्वपूर्ण प्रमाण हैं।

Kalibanga Kahan Hai
कालीबंगा एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है जो सिंधु घाटी सभ्यता की संवृति और सांस्कृतिक धरोहर का परिचय कराता है। यहाँ के खुदाई काम ने भारतीय इतिहास की गहराई को स्पष्ट किया है।
1952 ईस्वी में अमलानन्द घोष ने कालीबंगा की खोज की। इसके बाद, बी. के थापर और बी. बी लाल ने 1961-69 के दौरान यहाँ के उत्खनन का कार्य किया। इन उत्खननों ने इस क्षेत्र के ऐतिहासिक धरोहर को उजागर किया।
Kalibanga Kahan Sthit Hai
कालीबंगा का स्थान प्राचीन काल की नदी सरस्वती के तट पर स्थित था। इस समय सरस्वती नदी को अब घग्घर नदी के रूप में जाना जाता है। यह नदी सतलज नदी के उत्तरी राजस्थान में समाहित होती थी।
प्राचीन सभ्यता के खजाने
कालीबंगा के उत्खनन से मिले प्राचीन अवशेषों में लकड़ी, सोना, चांदी, लोहा, और सिक्के शामिल हैं। यहाँ के खुदाई काम ने उस समय की जीवनशैली, उनकी रहन-सहन की व्यवस्था, और उनकी सामाजिक व्यवस्था का परिचय दिया है।
ऐतिहासिक परिवर्तन
कालीबंगा के उत्खनन से पता चलता है कि यहाँ प्राचीन समय में गृहनिर्माण की प्रक्रिया किस प्रकार से होती थी। यहाँ के खोदाई काम ने सिंधु घाटी सभ्यता के उत्थान और विकास की कहानी सुनाई है।
ऐतिहासिक दायरे का विस्तार
कालीबंगा के उत्खनन से मिले खजाने सिंधु घाटी सभ्यता के असीमित सांस्कृतिक और सामाजिक विकास की गहरी जानकारी प्रदान करते हैं। यहाँ की प्राचीन निवासियों की जीवनशैली, धार्मिक अभिरुचियाँ, और उनकी रोजमर्रा की जीवनशैली का पता चलता है।
कालीबंगा का उत्खनन भारतीय इतिहास की अनमोल धरोहर को उजागर करता है। यह स्थल एक अनमोल खजाना है जो हमें हमारे पूर्वजों की जीवनशैली, सोच, और समाज की अद्भुतता के बारे में शिक्षा देता है। इसके माध्यम से हम अपनी धरोहर के प्रति समर्पित रहते हैं और उसे संरक्षित रखने का संकल्प लेते हैं। कालीबंगा एक ऐतिहासिक स्थल है जो हमें हमारे संगीत और उत्सव के साथ साथ हमारे इतिहास की महत्वपूर्ण यात्रा पर ले जाता है।
Kalibanga Ka Utkhanan Kisne Kiya Tha
कालीबंगा का उत्खनन 1952 में अमलानन्द घोष ने किया था। उसके बाद, बी. के थापर और बी. बी लाल ने 1961-69 में यहाँ उत्खनन कार्य किया।