फिल्म ‘ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट’ ने भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है। इस फिल्म ने कान्स फिल्म फेस्टिवल के 30 वर्षीय इतिहास में अपनी जगह बनाई है, जो भारत के लिए गर्व की बात है।

All We Imagine as Light Payal Kapadia
यह कहानी एक ऐसी महिला की है, जो अपने जीवन में अनजाने सफर पर निकलती है। प्रभा, जो एक नर्स हैं, अपने पति से अलग रह रही हैं। एक दिन उन्हें अपने पति की तरफ से एक अचानक गिफ्ट मिलता है। इस गिफ्ट ने उनके जीवन को पूरी तरह से उलझा दिया।
ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट 30 वर्षों में कान्स प्रतियोगिता में जगह बनाने वाली पहली भारतीय फिल्म है
पायल कपाड़िया ने इस फिल्म को अपनी कल्पना की दुनिया से जीवंत किया है। उन्होंने प्रभा के किरदार को अत्यंत साहसिकता से निभाया है, जिससे दर्शक उनसे जुड़ सकें।
यह फिल्म भारतीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। इसकी सफलता ने न केवल फिल्म उद्योग को प्रेरित किया है, बल्कि यह भारतीय महिलाओं के प्रति भावनात्मक संवेदनशीलता को भी जगाता है।
इस फिल्म के माध्यम से, पायल कपाड़िया ने एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया है। वह दिखा रही हैं कि हमारे जीवन में कभी-कभी छोटी-छोटी चीजें हमारे भविष्य को पूरी तरह से बदल सकती हैं।
‘ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट’ ने भारतीय सिनेमा को एक नई दिशा दिखाई है। यह न केवल एक फिल्म है, बल्कि एक कला का प्रतिरूप है, जो हमें हमारे जीवन की महत्वपूर्णता को समझने के लिए प्रेरित करता है।
इस तरह की फिल्मों के बारे में सुनकर हमें गर्व महसूस होता है कि हमारी सिनेमा उत्कृष्टता की ओर बढ़ रही है। और ‘ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट’ ने इसी बात को साबित किया है।
पायल कपाड़िया की इस उत्कृष्ट फिल्म को देखकर हम यह विश्वास कर सकते हैं कि भारतीय सिनेमा का भविष्य और भी उज्ज्वल है।