मलयालम फिल्म उद्योग में एक प्रमुख अभिनेत्री का दावा समाचार पत्रों और सामाजिक मीडिया पर गहरा प्रभाव डाल रहा है। गोपिका अम्मान्, जो करीबन एक दशक से सिनेमा में काम कर रही हैं, ने हाल ही में अपने यौन उत्पीड़न मामले में एक नए आरोप उठाए हैं।

उनका दावा है कि उनके मामले में विशेष जाँच के दौरान उनके मोबाइल फोन के मेमोरी कार्ड के हैश वैल्यू में अव्यवस्था दिखाई गई है। इस बयान ने उनकी गोपनीयता और न्याय के प्रश्नों को उजागर किया है, और इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया में नई मोड़ ला सकता है।
Actress Assault Case
मलयालम अभिनेत्री, जिनका नाम गोपिका अम्मान् है, ने हाल ही में यौन उत्पीड़न के मामले में एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने बताया कि उनके मामले में विशेष जाँच के दौरान उनके मोबाइल फोन के मेमोरी कार्ड के हैश वैल्यू में अव्यवस्था दिखाई गई है।
उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में इस बात को लेकर आपत्ति जताई, कहते हुए कि उसे इस बारे में सुनकर बहुत आश्चर्य हुआ। उन्होंने लिखा, “यह अनुचित और चौंकाने वाला है कि मेरे केस के मेमोरी कार्ड के हैश वैल्यू में बदलाव किया गया है।”
गोपिका अम्मान् ने आगे भी अपनी पोस्ट में लिखा, “निजता भारतीय कानून में दिया गया एक अधिकार है और मेमोरी कार्ड के हैश वैल्यू में कई बार बदलाव का मतलब है कि मेरी निजता के अधिकार का उल्लंघन हुआ है। और यह जानना बहुत डरावना है कि मेरी गोपनीयता वर्तमान में अदालत में सुरक्षित नहीं है।”
अभिनेत्री ने इस बात को भी उजागर किया कि हैश वैल्यू में बदलाव अनुचित है और इससे पीड़ित व्यक्ति को निराशा का सामना करना पड़ता है। वह इस मुद्दे पर लड़ाई जारी रखेंगी जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता।
Hash Value of Memory Card
उत्तरजीवी के दावों के विश्लेषण के दौरान पाया गया कि उन्होंने भी मामले की गंभीरता को उजागर किया है। 2022 में रिपोर्टों के अनुसार, उत्तरजीवी द्वारा किये गए हमले का फुटेज लीक हो गया था। इसके बाद पीड़िता ने उच्च न्यायालय में इसकी जांच की मांग की थी।
उत्तरजीवी ने मांग की थी कि उस डिवाइस के मेमोरी कार्ड के हैश वैल्यू में अव्यवस्था की जांच की जाए, जिसमें कथित तौर पर घटना के दृश्य संग्रहीत थे।
Actress Assault Case: यौन उत्पीड़न मामले में मेमोरी कार्ड के हैश वैल्यू में बदलाव पर बोली अभिनेत्री
गत वर्ष, केरल उच्च न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेकर न्याय के माध्यम से संज्ञान लिया था। वहां के न्यायाधीशों ने 2017 में हुई घटना के सम्बंध में तथ्य-खोज जांच के निर्देश जारी किए थे।
केरल उच्च न्यायालय के निर्देश के तहत, जिला और सत्र न्यायाधीश को रिपोर्ट के लिए एक महीने का समय दिया गया था। इससे पहले भी उत्तरजीवी के द्वारा दावा किया गया था कि उनके खिलाफ अवैध तरीके से दृश्यों की पहुंच की गई थी।
केरल हाई कोर्ट ने हाल ही में दिलीप के मामले में एक नया निर्णय दिया है। अदालत ने उनकी जमानत रद्द कर दी है, जिसका मतलब है कि उन्हें अब जेल भेजा जा सकता है।
हैश वैल्यू वे अद्वितीय संख्यात्मक मूल्य होते हैं जो फ़ाइलों के सामग्री की पहचान करते हैं जब तक एनक्रिप्टिक एल्गोरिथ्म फ़ाइलों की सामग्री को प्रोसेस करते हैं। यह फ़ाइलों के लिए प्रिंट जैसा होता है। अगर एक फ़ाइल की सामग्री में कोई परिवर्तन किया जाता है, तो हैश का मूल्य भी काफ़ी बदल जाता है।
इस मामले में हैश वैल्यू के बदलने का दावा एक महत्वपूर्ण संदेश है, जो तकनीकी और कानूनी दृष्टिकोण से गंभीर है। यह घटना न केवल अभिनेत्री की निजता के प्रश्न को उजागर करती है, बल्कि इससे तकनीकी सुरक्षा के मामले में भी एक सावधानी संदेश मिलता है।
अब हमें देखना होगा कि कैसे इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ती है और क्या नतीजा निकलता है। इस समाचार के विकासों का समय देखना होगा।