पंजाबी संगीत के महान योद्धा, अमर सिंह चमकीला का नाम आज भी लोगों के दिलों में गूंजता है। उनके गानों की मिठास और शानदार आवाज ने लोगों को अपनी ओर खींच लिया। इनके व्यक्तित्व में रंगीनता, संगीत की भव्यता, और उनके परिवार का साथ एक अद्वितीय चित्र चित्रित करते हैं। इस लेख में, हम अमर सिंह चमकीला की पहली पत्नी और उनके परिवार के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे, साथ ही उनके जीवन के रंगीन पहलुओं को भी देखेंगे।

Amar Singh Chamkila First Wife
भारतीय संगीत इतिहास में एक ऐसा नाम है, जो अपने गानों के जरिए जनता के दिलों में बस गया है, और वह है “अमर सिंह चमकीला”। उनकी अनगिनत गीतों ने उन्हें पंजाबी संगीत इंडस्ट्री का शानदार सितारा बना दिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमर सिंह चमकीला की पहली पत्नी कौन थीं?
अमर सिंह चमकीला की पहली पत्नी का नाम था “गुरमेल कौर”। वे एक साधारण पंजाबी परिवार से थीं और अपने पति के साथ उनका संबंध गायन की दुनिया में था।
कौन थी Gurmail Kaur Chamkila
गुरमेल कौर को अमर सिंह चमकीला से मिलने की कहानी भी दिलचस्प है। वे पंजाबी संगीत के प्रेमी थे और अमर सिंह चमकीला की गायकी की दीवानी थीं। उनकी मीठी आवाज और प्रेमी भावनाओं ने अमर सिंह को खींच लिया और वह उनसे प्यार में पड़ गए।
अमर सिंह चमकीला और गुरमेल कौर की शादी हो गई और उनके बीच दो बेटियां हुईं। उनकी पहली बेटी का नाम था “अमनदीप कौर” और दूसरी का नाम “कमलदीप कौर”। यह बेटियां उनके जीवन की रोशनी थीं, जिन्हें लोग “कमल चमकीला” के नाम से भी जानते हैं।
Chamkila Son
अमर सिंह चमकीला ने अपने जीवन में दो बार शादी की। उन्होंने गुरमेल कौर से शादी की थी, और बाद में अमरजोत कौर से भी शादी की।
अमर सिंह चमकीला की दूसरी पत्नी अमरजोत कौर के साथ उनका एक बेटा है, जिसका नाम है “जैमन चमकीला”। जैमन चमकीला भी अपने पिता की तरह एक उत्कृष्ट गायक हैं।
जैमन चमकीला अब 39 साल के हैं और अपने पिता की छाया से बाहर आकर स्वयं का नाम बना रहे हैं। उनकी संगीत की कद्र संगीत इंडस्ट्री में उन्हें एक प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त करवा रही है।
Chamkila Children
अमर सिंह चमकीला की दोनों पत्नियों के साथ बच्चों के साथ जितना प्यार था, उतना ही उनके गानों के प्रशंसकों के दिलों में भी था। उनके बेटे जैमन चमकीला की संगीत में रुचि उनके पिता के फूलों से फूल रही है।
अमर सिंह चमकीला के नवीन पीढ़ी की साकारी उनकी परंपरा को आगे बढ़ा रही है। इन बच्चों के माध्यम से, चमकीला के संगीत की धारा अब भी निरंतर बह रही है, और वे अपने पिता की यादों को जीवंत कर रहे हैं।
अमर सिंह चमकीला का वार्षिक अवकाश कोई नहीं है, लेकिन उनकी गायकी और उनके परिवार का प्रेम और समर्थन उन्हें हमेशा मंजिल तक पहुंचाए रखेगा। उनकी पहली पत्नी और उनकी बच्चों के साथ उनका यह अनुभव एक अनमोल यादगार रहेगा, जो संगीत के इतिहास में सदैव अमर रहेगा।