फिल्मों में हमने देखा है कि सैनिक दाढ़ी और बढ़ी हुई बालों के साथ मिशन पर निकलते हैं और अपने देश की रक्षा करते हैं। परंतु वास्तविकता में कई देशों में सैनिकों को दाढ़ी बढ़ाने की अनुमति नहीं होती है। इंडियन आर्मी में भी ऐसा ही नियम है। ब्रिटिश आर्मी में भी पिछले 100 सालों से इस बारे में बहुत सख्ती से नियम बनाए गए थे। परंतु अब यह नियम बदल गया है।

ब्रिटिश आर्मी में दाढ़ी पर बैन समाप्त
अब ब्रिटिश आर्मी के सैनिक और अधिकारी दाढ़ी बढ़ा सकेंगे, लेकिन इसके साथ एक शर्त भी है। उन्हें अपनी दाढ़ी को साफ और सुव्यवस्थित रखना होगा। दाढ़ी को विभिन्न रंगों में नहीं रंगा जा सकेगा और न किसी पैच में छिपाया जा सकेगा। इसके अलावा, उन्हें दाढ़ी की सफाई को हमेशा ध्यान में रखना होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी दाढ़ी का नियमित रिव्यू होगा जिससे नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
यह बदलाव आया है ताकि युवा जो आर्मी में शामिल होने की सोच रहे हैं, उन्हें आकर्षित किया जा सके। इससे आर्मी में ज्यादा युवा शामिल हों और देश की सुरक्षा में योगदान करें। यह बदलाव ब्रिटिश आर्मी के कमांडर-इन-चीफ किंग चार्ल्स की मंजूरी के बाद हुआ है। इससे सैनिकों के लिए एक नई दिशा मिली है जिसमें उन्हें अपने रूप की खामियों को ध्यान में रखते हुए अपने सपनों की ओर बढ़ने का मौका मिलेगा।
यह बदलाव सिर्फ ब्रिटिश आर्मी में ही नहीं है। पहले ही साल 2019 में ब्रिटेन की रॉयल एयरफोर्स और रॉयल नेवी में इस नियम को हटा दिया गया था। इससे साफ होता है कि समय के साथ संजीवनी कुछ खास बदलावों को लाकर आती है। आशा है कि यह बदलाव सैनिकों के जीवन में नई ऊर्जा और जोश भरेगा।
इस नए नियम के तहत, सैनिकों को ध्यान में रखते हुए अपने दाढ़ी को संयंत्रित और साफ रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह नए दिशानिर्देश सैनिकों को अपने व्यक्तिगत देखभाल और अनुरक्षण की अधिक जिम्मेदारी देता है, जो उनके योगदान की महत्वपूर्ण भूमिका है।
यह बदलाव सैनिकों के साथ समानता और समाजिक समजौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे वे अपने पेशेवर जीवन को भी संतुलित तरीके से निर्वाह कर सकते हैं और अपने देश के लिए समर्पित रह सकते हैं। यह नया नियम एक प्रगतिशील सोच का परिणाम है जो सैन्य जीवन के संबंध में अनुकूल और न्यायसंगत परिवर्तन को प्रोत्साहित करता है।
इस संदर्भ में, नए नियमों के अनुसार दाढ़ी और अन्य संबंधित नियमों का पालन करने के लिए सैनिकों को समर्पित और जिम्मेदारीपूर्ण रहना होगा। यह एक प्रोत्साहक कदम है जो सैनिकों को उनके स्वास्थ्य और हालात की देखभाल के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता के प्रति प्रेरित करता है।
इस प्रकार, ब्रिटिश आर्मी ने दाढ़ी और अन्य बाल संबंधित नियमों में किए गए परिवर्तनों के माध्यम से समाज में समानता और अदालत को बढ़ावा दिया है, जो सैनिकों के समृद्ध और समृद्ध जीवन को बढ़ावा देने में मदद करेगा।