
बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका सुधार गृह के घटना के बाद, अब बेंगलुरु में भी एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बताया कि बेंगलुरु के अशवथ नगर में अवैध तरीके से संचालित अनाथालय का खुलासा हुआ है।
प्रियंक कानूनगो ने बताया कि NCPCR की टीम ने अवैध अनाथालय में रहने वाली बच्चियों से चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया, “हमलोग एक अवैध अनाथालय की जांच पड़ताल कर रहे थे। वहां 20 बच्चियों को रखा गया था, उनमें से कुछ अनाथ थीं।”
एनसीपीसीआर के अध्यक्ष ने कहा, ‘आज (यानी 15 मार्च 2024 दिन शुक्रवार) बेंगलुरु में एक अवैध अनाथालय के निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. लड़कियों को स्कूल नहीं भेजा जाता है, पूरे अनाथालय में कोई खिड़की या वेंटिलेटर नहीं है और लड़कियों को पूरी तरह से कैद करके रखा गया है.’
एनसीपीसीआई के अध्यक्ष के मुताबिक, अनाथालय में 20 लड़कियां थीं. उन्होंने कहा कि अनाथालय में आने से पहले कुछ लड़कियां स्कूल जाती थीं, लेकिन उनकी पढ़ाई बंद करा दी गई है.
कानूनगो ने आगे कहा, “बातचीत के दौरान एक बच्ची ने बताया कि यहां की एक उच्च पदस्थ महिला कुवैत में रिश्ता लगवाती है। हमें संदेह है कि इसमें मानव तस्करों का गिरोह संलिप्त है जो बच्चियों को शादी के बहाने खाड़ी के देशों में भेजता है।”
बच्चों के बचपन को छीनने वाली इस घटना ने समाज में आँच ला दी है। NCPCR के अध्यक्ष के मुताबिक, अनाथालय में आने से पहले कुछ लड़कियों को स्कूल भेजा जाता था, लेकिन उनकी पढ़ाई बंद कर दी गई थी। इस तरह के अपराध समाज में एक महाप्रलय के समान हैं, जो हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि कहाँ तक हम अपनी सोच और शिक्षा को विकसित कर सकते हैं।
इस अवैध अनाथालय के मामले में न्याय की तलाश जारी है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीमों ने इस मामले की जांच करते हुए संज्ञेय खुलासे किए हैं। समाज को जागरूक करने के साथ-साथ, न्याय सुनिश्चित करने के लिए कठिन प्रयास किए जा रहे हैं।
बच्चों के भविष्य को समृद्ध बनाने का सपना सभी का सपना होता है, और इस सपने को साकार करने के लिए समाज को साथ मिलकर काम करना होगा। बेंगलुरु में हुई इस घटना ने हमें एक बार फिर से सोचने पर मजबूर किया है कि हमें बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
बच्चों के अधिकारों की रक्षा और समाज में उनके निर्माण को गर्व से समर्थन करना हमारी जिम्मेदारी है। हमें समाज के हर व्यक्ति को इस बात का जागरूक और संवेदनशील बनाने के लिए साझा काम करना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं फिर से न हों और हमारे बच्चे सुरक्षित रहें। हमें सभी को मिलकर एक समाज बनाना होगा, जहां हर बच्चा खुशहाली से अपने सपनों को पूरा कर सके।